दोस्तों का असली अर्थ…

दोस्त हमारी ज़िन्दगी के लिए बहुत ज़रूरी होते है…. दोस्तों के होने से हमारी ज़िन्दगी बहुत खुशनुमा होती है.. श्री कृष्णा और सुदामा की दोस्ती सबसे अच्छा उदाहरण है इस बात का की दोस्तों के बीच अमीर गरीब की कोई दीवार नहीं होती… वो एक दुसरे के बारे में सब कुछ जानते समझते है और एक दुसरे का हर हाल में साथ निभाते है.

हम आँख बंद करके भी उनपर विश्वास कर सकते है और वो हमेशा हमें सही और सच्ची राह दिखाते है

सिर्फ दोस्त ही हमारे चेहरे की झूठी हसीं को पहचान सकता है और हमारे दिल के दुख को बहार निकाल सकता है. दोस्तों को अपना दुख बताने की ज़रुरत नहीं होती, वो हमारी आँखों में ही सब कुछ पढ़ लेते है और हमारे लिए कुछ ऐसा ख़ास कर देते है की हमारी आँखें ख़ुशी से भीग जाती है…

हम अपने दोस्त खुद चुनते है, तो हमेशा ऐसे दोस्त चुनिए जो बिना किसी खुदगर्ज़ी के आपका साथ निभाए और आपके दिल की आवाज़ को सुन सके.

दोस्तों के लिए कुछ ख़ास शब्द….

हर ख़ुशी मे हर गम में हर सुबह में हर शाम में मेरे दिल के करीब रहोगे तुम जीवन के हर संग्राम में मेरे दुखों को समझने वाले मेरे अंतर्मन को जानने वाले मेरी खुशियों का सहारा मेरे जीवन का किनारा ऐ खुदा तेरा शुक्रिया जो तूने इतने अच्छे दोस्तों से मिलवाया इनके साथ होने से ही हमें अपने जीने का अर्थ समझ आया… पेड़ों की ठंढी छाया की तरह रहना सागर की उठती गिरती लहरों की तरह रहना रहना तुम मेरे लबों से निकली हर बात में मेरे जीवन की हर राह में उम्मीद बनकर रहना..

Leave a comment